वो लड़की बस कुछ सपने देखना चाहती थी

वो लड़की बस कुछ सपने देखना चाहती थी,
तारो के नीचे बातें कर रात बिताना चाहती थी,
लहरो के किनारे हाथ पकड़े कुछ किस्से सुनना चाहती थी,
कभी सूरज साथ डूबते देख खामोशी से सब कह जाना चाहती थी,
उन ठंडी हवाओं में वो एक साथ पाना चाहती थी,
इस दुनिया की भीड़ में किसी को अपना बनाना चाहती थी,
वो लड़की बस कुछ सपने देखना चाहती थी..

Comments

Popular posts from this blog

सीता माँ - अद्भुत चरित्र

गोरा - काला (एक सोच जिसको हम सबको बदलने की जरूरत है)

पापा आपसे कुछ कहना चाहती हुँ