कुछ तेज़ाब की बूदें Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - January 08, 2019 वो मैं जो शीशे में घंटो खुद को निहारा थी करती, आज पानी में अपनी परछाई देखने से भी हूँ डरती। जिन मेरे गालों को मेरी माँ प्यार से सहलाया थी करती, आज उनको देख वो फूट फूट कर है रो पड़त... Read more