आज तुझसे है कुछ पूछना

Letter to God by a girl who is brutally raped by group of man..

आज तुझसे है कुछ पूछना,
क्यों करी तूने मेरी संरचना,
क्या सम्मान मिला मुझे तू देख रहा है,
फिर मेरे अस्तित्व का मज़ाक तू कैसे सह रहा है,
ना जाने रोज़ इस तरह कितनी बार मैं हूँ मरती,
हर पल अपनी जिंदगी के लिए हूँ लड़ती,
कहने को तोह मुझ आज भी मंदिरों मैं जाता है पूजा,
पर इस अपमान को क्या नाम देगा तू दूजा।

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